Sangya Worksheet in Hindi | संज्ञा पर आधारित प्रश्न

Sangya Worksheet:

1. संज्ञा की परिभाषा दें एवं उदाहरण लिखें.
2. संज्ञा के कितने भेद है? प्रत्येक की परिभाषा पाँच उदाहरणों के साथ लिखें.
3. जांतिवाचक तथा व्यक्तिबाचक संज्ञाओं की परिभाषा उदाहरण के साथ दें.
4. निम्नलिखित शब्दों से भाववाचक संज्ञा बनाकर उनका अपने वाक्यों में प्रयोग करें:




मनुष्य
बच्चा
मीठा
नीला
गोरा
लधु
दानव
दुष्ट
लड़का
बूढा.
5 ‘मित्र’ शब्द से भाववाचक संज्ञा बनाकर वाक्य में प्रयोग करें है
6 निम्नलिखित विशेषण से भाववाचक संज्ञा बनाए-
(क) अंध
(ख) महान
(ग) सुखद
(घ) साहित्यिक
(ङ) प्रयुक्त
7. निम्नलिखित क्रियाओं से भाववाचक संझा बनाइए-
दौड़ना
पुकारना
चीखना।
8. नोचे लिखे शब्दों में से व्यक्तिवाचक और जातिवाचक संज्ञा अलग करें-
फूल
अकबर
बेगम
बादशाह
इलाहाबाद
अंदाज
दरगाह
मंदिर
जहाज
महल

Sangya Aur Sangya ke Bhed in Hindi Grammar(संज्ञा एवं संज्ञा के भेद)

Sangya Worksheet




Bhav Vachak Sangya Examples | भाववाचक संज्ञाएँ बनाना

Bhav Vachak Sangya Definition – जो संज्ञा शब्द गुण, कर्म, दशा, अवस्था, भाव आदि का बोध कराएँ उन्हें भाववाचक संज्ञाएँ कहते है।
जैसे – भूख, प्यास, थकावट, चोरी, घृणा, क्रोध, सुंदरता आदि। भाववाचक संज्ञाओं का संबंध हमारे
भावों से होता है, इनका कोई रूप या आकार नहीं होता ।

कुछ भाववाचक संज्ञाएँ मूल शब्द होते हैं, जैसे – घृणा, प्रेम, क्रोध इत्यादि ।
परन्तु अधिकांश भाववाचक संज्ञाएँ ऐसी होती हैं, जो जातिवाचक संज्ञाओं, सर्वनामो, विशेषणों एवं अव्यय शब्दों में प्रत्यय जोड़कर बनती हैं।




विशेषण से
मीठा मिठास
गोरा गोराप्पन, गोराई
दुष्ट दुष्टता
महान् महानता
संपन्न संपन्नता
निर्धन निर्धनता
असभ्य अब्दुरभ्यता
प्रयुक्त प्रयाग
धीर धीरता,
नीला पीलापन




लधु लघुता, लघुत्व
अंध अधिकार, अंधेरा
सुखद सुखदायी
विपन्न विपन्नता
सभ्य सभ्यता
साहित्यिक साहित्य
एक एकता
शूर शूरता, शौर्य
सम समता, समानता
कायर कायरता




मित्र मित्रत्व
मित्रता चतुर
सफल सफ़लता
पथरीली पथरीलापन
गरीब गरीबी
लम्बा लम्बाई
चौड़ा चौडाई
क्षुब्ध क्षोभ
बहुत बहुतायत
शीघ्र शीघ्रता
अमीर अमीरी
बड़ा बड़प्पन
शीतल शीतलता
रोगी रोग
साफ सफाई
खट्टा खटास
बुरा बुराई
शिष्ट शिष्टता
पीला पीलापन
उदार उदारता
विद्वान विद्वता
वीर वीरत्व, वीरता
शत्रु शत्रुत्व, शत्रुता
चतुरता चतुराई
उपेक्षित उपेक्षा
सामाजिक सामाजिकता
सुंदर सुंदरता
कठोर कठोरता
ऊँचा ऊँचाई
फुर्तीला फुर्ती
गरम गरमी
धीरज धीरता
स्वस्थ स्वास्थ्य
शैतान शैतानियत
नम्र नम्रता
भला भलाई
अशिष्ट अशिष्टता
चिकना चिकनाई
स्वतंत्र स्वतंत्रता
तेज तेजी
आसक्त आसक्ति
अरुण अरुणिमा
युवा यौवन
नूतन नूत्तनता
गँवार गँवारपन
सौम्य सौम्यता
जाति जातीयता
कुमार, कुमारी, कौमार्य
अपना अपनापन, अपनत्व
आवश्यक आवश्यकता
गंदा गंदगी
मधुर मधुरता
सुंदर सुंदरता




 सर्वनाम से
अपना अपनत्व, अपनापन
स्व स्वत्व
निज निजत्व, निजता
अहं अहंकार
सर्ब सर्वस्व
मम ममता, ममत्व




जातिवाचक संज्ञा से
मनुष्य मनुष्यता
बच्चा बचपन
दानव दानवता
लड़का लड़कपन
बूढा बुढापा
गुरु गुरुत्व
मित्र मैत्री
नर नरत्ता
नारी नारीत्व
बालक बालपन
पशु पशुता
युवक यौवन
चोर चोरी
शिशु शैशव
शत्रु शत्रुता
शिष्य शिष्यत्व
माता मातृत्व
पिता पितृत्व
भ्राता भ्रातृत्व
साधू साधुता
दूत दौत्य
प्रतिनिधि प्रतिनिधित्व
राष्ट्र राष्ट्रीयता
मानव मानवता
पंडित पांडित्य
दास दासत्व
भाई भाईचारा
पुरुष पुरुषत्व
इंसान इंसानियत
वकील वकालत
कृपण कृपणता
बहन बहनापा




क्रिया से
उतरना उतार
पुकारना पुकार
लिखना लिखावट
बनाना बनावट
घबराना घबराहट
चढ़ना चढाई
चलना चलन
बचना बचत
मारना मार
पालना पालन
धोना धुलाई
सजना सजावट
बिकना बिक्री
जपना जाप
जमना जमाव
रोना रुलाई
जगना जागरण
चीखना चीख
पढ़ना पढाई
बचाना बचाव
सजाना सजावट
बहना बहाव
उड़ना उड़ान
मिलना मिलान, मिलावट
चुनना चुनाव
काटना कटाई
समझना समझ
पिटना पिटाई
घूमना घुमाव
पूजना पूजन
कमाना कमाई
बनना बनावट
छटपटाना छटपटाहट




अव्यय से
समीप सामीप्य
धिक् धिक्कार
निकट निकटता
दूर दूरी
मना मनाही
वाहवाह वाहवाही




Sangya ke Bhed in Hindi Grammar (संज्ञा के भेद)

मुख्यतः संज्ञा के तीन प्रकार हैं-

1 . व्यक्तिवाचक संज्ञा (Vyakti Vachak Sangya)– गुलाब, दिल्ली, इंडिया गेट, गंगा, राम आदि
2 . जातिवाचक संज्ञा (Jativachak Sangya) – गधा, क़िताब, माकन, नदी आदि
3. भाववाचक संज्ञा(Bhav Vachak Sangya) सुंदरता, इमानदारी, प्रशन्नता, बईमानी आदि

जातिवाचक संज्ञा के दो उपभेद हैं –
4. द्रव्यवाचक संज्ञा (Dravya Vachak Sangya) तथा
5. समूहवाचक संज्ञा (Samuh Vachak Sangya).
इन दो उपभेदों को मिला कर संज्ञा के कुल 5 प्रकार को जाते हैं|

अब संज्ञा के सभी प्रकार का विस्तृत वर्णन नीचे किया गया है-

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा (Vyakti Vachak Sangya)

जिन शब्दों से किसी विशेष व्यक्ति, विशेष प्राणी, विशेष स्थान या किसी विशेष वस्तु का बोध हो उन्हें व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते है.

जैसे- रमेश (व्यक्ति का नाम), आगरा (स्थान का नाम), बाइबल (क़िताब का नाम), ताजमहल (इमारत का नाम), एम्स (अस्पताल का नाम) इत्यादि.

2. जातिवाचक संज्ञा (Jativachak Sangya)

वैसे संज्ञा शब्द जो की एक ही जाति के विभिन्न व्यक्तियों, प्राणियों, स्थानों एवं वस्तुओं का बोध कराती हैं उन्हें जातिवाचक संज्ञाएँ कहते है।
कुत्ता, गाय, हाथी, मनुष्य, पहाड़ आदि शब्द एकही जाति के प्राणियों, वस्तुओं एवं स्थानों का बोध करा रहे है।

जातिवाचक संज्ञा के अंतर्गत निम्नलिखित दो है –

(क) द्रव्यवाचक संज्ञा – (Dravya Vachak Sangya)

जिन संज्ञा शब्दों से किसी पदार्थ या धातु का बोध हो, उन्हें द्रव्यवाचक संज्ञा कहते है ।

जैसे – दूध, घी, गेहूँ, सोना, चाँदी, उन, पानी आदि द्रव्यवाचक संज्ञाएँ है।

(ख) समूहवाचक संज्ञा -(Samuh Vachak Sangya)

जो शब्द किसी समूह या समुदाय का बोध कराते है, उन्हें समूहवाचक संज्ञा कहते हैं।

जैसे – भीड़, मेला, कक्षा, समिति, झुंड आदि समूहवाचक संज्ञा हैँ।

व्यक्तिवाचक संज्ञा का जातिवाचक संज्ञा के रूप में प्रयोग: (Vyakti Vachak Sangya Use in form of Jati Vachak Sangya)

व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ कभी कभी ऐसे व्यक्तियों की ओर इशारा करती हैं, जो समाज में अपने विशेष गुणों के कारण प्रचलित होते हैं। उन व्यक्तियों का नाम लेते ही वे गुण हमारे मस्तिष्क में उभर आते है, जैस-

हरीशचंद्र (सत्यवादी), महात्मा गांधी (मकात्मा), जयचंद (विश्वासघाती), विभीषण (घर का भेदी), अर्जुन (महान् धनुर्धर) इत्यादि। कभी कभी बोलचाल में हम इनका इस्तेमाल इस प्रकार कर लेते हैं-

1. इस देश में जयचंदों की कमी नहीं । (जयचंद- देशद्रोही के अर्थ में)
2.  कलियुग में हरिशचंद्र कहां मिलते हैं । (हरिशचंद्र- सत्यवादी के अर्थ में प्रयुक्त)
3.  हमेँ देश के विभीषणों से बचकर रहना चाहिए । (विभीषण- घर के भेदी के अर्थ में प्रयुक्त)

जातिवाचक संज्ञा का व्यक्तिवाचक संज्ञा के रूप में प्रयोग- (Jativachak Sangya Use in form of Vyakti Vachak Sangya)

कमी-कभी जातिवाचक संज्ञाएँ रूढ हो जाती है । तब वे केवल एक विशेष अर्थ में प्रयुक्त होने लगती हैं- जैसे:
पंडितजी हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री थे।
यहाँ ‘पंडितजी’ जातिवाचक संज्ञा शब्द है, किंतु भूतपूर्व प्रधानमंत्री ‘पंडित जवाहरलाल नेहरू’ अर्थात् व्यक्ति विशेष के लिए रूढ़ हो गया है । इस प्रकार यहाँ जातिवाचक का व्यक्तिवाचक संज्ञा के रूप में प्रयोग किया गया है।
राष्ट्रपिता गांधी जी ने हरिजनों का उद्धार किया । (राष्ट्रपिता गांधी)
नेता जी ने कहा- “तुम मुझे खून दे, मैं तुम्हें आजादी कूँरा । (नेता जी – सुभाष चंद्र बोस)

3. भाववाचक संज्ञा – (Bhav Vachak Sangya)

जो संज्ञा शब्द गुण, कर्म, दशा, अवस्था, भाव आदि का बोध कराएँ उन्हें भाववाचक संज्ञाएँ कहते है।
जैसे – भूख, प्यास, थकावट, चोरी, घृणा, क्रोध, सुंदरता आदि। भाववाचक संज्ञाओं का संबंध हमारे
भावों से होता है । इनका कोई रूप या आकार नहीं होता । ये अमूर्त (अनुभव किए जाने वाले) शब्द होते है।

भाववाचक संज्ञाओं का जातिवाचक संज्ञा के रूप में प्रयोग : (Bhav Vachak Sangya Use in form of Jativachak Sangya)

भाववाचक संज्ञाएँ जब बहुवचन में प्रयोग की जाती है, तो वे जातिवाचक संज्ञाएँ बन जाती हैं ; जैसे –

(क) बुराई से बचो । ( भाववाचक संज्ञा)
बुराइयों से बचो । (जातिवाचक संज्ञा)
(ख) घर से विद्यालय की दूरी अधिक नहीं है। (भाववाचक संझा)
मेरे और उसके बीच दूरियाँ बढ़ती जा रही है । (जातिवाचक संज्ञा)

द्रव्यवाचक संज्ञाएँ एवं समुहवाचक संज्ञाएँ भी जब बहुवचन में प्रयोग होती हैं तो वे जातिवाचक
संज्ञाएँ बन जाती हैं, जैसे-

(क) मेरी कक्षा में 50 बच्चे हैं । (समूहवाचक संज्ञा)
भिन्न – भिन्न विषयों की कक्षाएँ चल रही है । (जातिवाचक संज्ञा)

(ख) सेना अभ्यास कर रही है। (समूहवाचकसंज्ञा)
हमारी सारी सेनाएँ वीरता से लडी। (जातिवाचक संज्ञा)
(ग) रोहन का परिवार यहां रहता है। (समूहवाचक संज्ञा)
आज कल सभी परिवारों में छोटे-मोटे झगड़े होते रहते है । (जातिवाचक संज्ञा)
(घ) लकडी से अलमीरा बनता है। (द्रव्यवाचक संझा)
ढेर सारी लकडियां इकट्ठी करो। (जातिवाचक संज्ञा)
(ङ) सरसों का तेल पीला होता है। (द्रव्यवाचक संज्ञा)
वनस्पति तेलों का प्रचलन शहरों में ज्यादा है। (जातिवाचक संज्ञा)

आगे जाने भाववाचक संज्ञाएँ बनाना-(Bhav Vachak Sangya Formation)

Sangya in Hindi Grammar With Example (Noun) संज्ञा एवं संज्ञा के प्रकार

Sangya Definition in Hindi (संज्ञा कीपरिभाषा)

संसार के किसी भी प्राणी, वस्तु, स्थान, जाति या भाव, दशा आदि के नाम को संज्ञा (Sangya) कहते हैं|

निम्नलिखित उदाहरण से हम संज्ञा तथा उनके प्रकार आसानी से समझ सकते हैं-

  1. भारत एक विकासशील देश है.
  2. नरेन्द्र मोदी भारत के सजग नेता हैं.
  3. गंगा एक पवित्र नदी है.
  4. कुरान मुसलमानों का पवित्र ग्रन्थ है
  5. आज मोहन बहुत खुश है.
  6. त्योहार हमारे घर खुशियां लाता है.
  7. क्रिकेट भारत का लोकप्रिय खेल है.
  8. मोहन रोज़ दो गिलास दूध और चार अंडे खाता है.

ऊपर लिखे वाक्यों में सभी चिन्हित शब्द संज्ञा के किसी ना किसी प्रकार हैं.

भारत – देश का नाम
नरेन्द्र मोदी, मोहन – व्यक्ति का नाम
गंगा – नदी का नाम
कुरान – ग्रन्थ का नाम
मुसलमानों – विशेष समुदाय का नाम
ग्रन्थ – किताब की विशेष श्रेणी का नाम
क्रिकेट – खेल का नाम
गिलास – बर्तन का नाम
दूध, अंडा – खाद्य पदार्थ का नाम
खुशियां – विशेष मनः स्थिति (भाव) का नाम

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