Samas Ke Bhed (समास के भेद) Types of Samas in Hindi

Kinds of Samas / Compound (समास के भेद)

1. अव्ययीभाव समास
2. तत्पुरुष समास (a. कर्मधारय तत्पुरुष समास b. द्विगु तत्पुरुष समास)
3. बहुव्रीहि समास
4. द्वन्द्व समास
5. नञ् समास

संज्ञा – Sangya * सर्वनाम – Sarvnam * विशेषण – Visheshan * क्रिया – Kriya * अव्यय – Avyay * लिंग -Ling * वचन – Vachan * कारक – Kaarak * काल – Kaal * उपसर्ग – Upsarg * प्रत्यय-Pratyay * समास – Samas * संधि – Sandhi * पुनरुक्ति – Punrukti * शब्दविचार – Shabd Vichar * पर्यायवाची शब्द – Paryayvachi Shabd * अनेक शब्दों के लिए एक शब्द – Anek Shabdon Ke Ek Shabd * हिंदी कहावतें – Kahawat * हिंदी मुहावरे – Hindi Muhavare * अलंकार – Alankar * छंद – Chhand * रस – Ras

Nay Samas Definition & Example (नञ् समास)

नञ् समास (Nay Samas) : इस समास का पहला पद ‘नञ्’




(अर्थात् नकारात्मक) होता है। अर्थात् जो निषेधार्थ प्रकट करे, नञ समास कहलाता है । जैसे-
अनंत-न अंत,
अभाव-न भाव,
अनिष्ट-न इष्ट, इत्यादि ।

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Dvandva Samas Definition & Examples (द्वंद्व समास)

द्वंद्व समास-(Dvandva Samas)




जिस समास में दोनों पद प्रधान हों, उसे द्वंद्व समास कहते हैं।
इस समास के विग्रह में- और, तथा, एवं, या, अथवा इत्यादि संयोजक शब्दों का प्रयोग होता है ।
जैसे-
गौरीशंकर-गौरी और शंकर,
मारपीट-मार या पीट,
अन्नजल-अन्न और जल, इत्यादि ।

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Bahuvrihi Samas Definition & Example (बहुव्रीहि समास)

बहुव्रीहि समास- (Bahuvrihi Samas) – जिस समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता, अपितु बाहर से ही आकर कोई शब्द प्रधान हो जाता है, बहुव्रीहि समास कहलाता है । जैसे-




पंकज, लंबोदर, दशांनन, इत्यादि । इन सामासिक शब्दों के खंड करने पर किसी विशिष्ट अर्थ का बोध होता है ।

बहुव्रीहि समास की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं-
(क) यह समास दो या दो से अधिक पदों का होता है ।
(ख) इसके पदों के अर्थ से अलग अर्थ प्रधान होता है ।
(ग) इसका विग्रह शब्दों या पदों में न होकर वाक्यों में होता है।
(घ) इसका पहला पद प्रायें: कर्ताकारक होता है अथवा विशेषेण
(ङ) इस समास से बने पद विशेषण होते हैं । इसलिए इनका लिंग विशेष्ये के अनुरूप होता है ।

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संज्ञा – Sangya * सर्वनाम – Sarvnam * विशेषण – Visheshan * क्रिया – Kriya * अव्यय – Avyay * लिंग -Ling * वचन – Vachan * कारक – Kaarak * काल – Kaal * उपसर्ग – Upsarg * प्रत्यय-Pratyay * समास – Samas * संधि – Sandhi * पुनरुक्ति – Punrukti * शब्दविचार – Shabd Vichar * पर्यायवाची शब्द – Paryayvachi Shabd * अनेक शब्दों के लिए एक शब्द – Anek Shabdon Ke Ek Shabd * हिंदी कहावतें – Kahawat * हिंदी मुहावरे – Hindi Muhavare * अलंकार – Alankar * छंद – Chhand * रस – Ras

Dvigu Samas Definition & Example (द्विगु समास)

द्विगु समास- (Dvigu Samas) : संख्यावाचक विशेषण के साथ




किसी शब्द का समास हो, तो उसे द्विगु समास कहते हैं, अर्थात् जिसका पहला पद संख्यावाचक हो, वह द्विगु समास होता है। जैसे-

पंचपात्र-पाँच पात्र,
त्रिभुवन-तीन भुवन,
चतुर्वर्ण-चार वर्ण, इत्यादि ।

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