Bhav Vachak Sangya Examples | भाववाचक संज्ञाएँ बनाना

Bhav Vachak Sangya Definition – जो संज्ञा शब्द गुण, कर्म, दशा, अवस्था, भाव आदि का बोध कराएँ उन्हें भाववाचक संज्ञाएँ कहते है।
जैसे – भूख, प्यास, थकावट, चोरी, घृणा, क्रोध, सुंदरता आदि। भाववाचक संज्ञाओं का संबंध हमारे
भावों से होता है, इनका कोई रूप या आकार नहीं होता ।

कुछ भाववाचक संज्ञाएँ मूल शब्द होते हैं, जैसे – घृणा, प्रेम, क्रोध इत्यादि ।
परन्तु अधिकांश भाववाचक संज्ञाएँ ऐसी होती हैं, जो जातिवाचक संज्ञाओं, सर्वनामो, विशेषणों एवं अव्यय शब्दों में प्रत्यय जोड़कर बनती हैं।




विशेषण से
मीठा मिठास
गोरा गोराप्पन, गोराई
दुष्ट दुष्टता
महान् महानता
संपन्न संपन्नता
निर्धन निर्धनता
असभ्य अब्दुरभ्यता
प्रयुक्त प्रयाग
धीर धीरता,
नीला पीलापन




लधु लघुता, लघुत्व
अंध अधिकार, अंधेरा
सुखद सुखदायी
विपन्न विपन्नता
सभ्य सभ्यता
साहित्यिक साहित्य
एक एकता
शूर शूरता, शौर्य
सम समता, समानता
कायर कायरता




मित्र मित्रत्व
मित्रता चतुर
सफल सफ़लता
पथरीली पथरीलापन
गरीब गरीबी
लम्बा लम्बाई
चौड़ा चौडाई
क्षुब्ध क्षोभ
बहुत बहुतायत
शीघ्र शीघ्रता
अमीर अमीरी
बड़ा बड़प्पन
शीतल शीतलता
रोगी रोग
साफ सफाई
खट्टा खटास
बुरा बुराई
शिष्ट शिष्टता
पीला पीलापन
उदार उदारता
विद्वान विद्वता
वीर वीरत्व, वीरता
शत्रु शत्रुत्व, शत्रुता
चतुरता चतुराई
उपेक्षित उपेक्षा
सामाजिक सामाजिकता
सुंदर सुंदरता
कठोर कठोरता
ऊँचा ऊँचाई
फुर्तीला फुर्ती
गरम गरमी
धीरज धीरता
स्वस्थ स्वास्थ्य
शैतान शैतानियत
नम्र नम्रता
भला भलाई
अशिष्ट अशिष्टता
चिकना चिकनाई
स्वतंत्र स्वतंत्रता
तेज तेजी
आसक्त आसक्ति
अरुण अरुणिमा
युवा यौवन
नूतन नूत्तनता
गँवार गँवारपन
सौम्य सौम्यता
जाति जातीयता
कुमार, कुमारी, कौमार्य
अपना अपनापन, अपनत्व
आवश्यक आवश्यकता
गंदा गंदगी
मधुर मधुरता
सुंदर सुंदरता




 सर्वनाम से
अपना अपनत्व, अपनापन
स्व स्वत्व
निज निजत्व, निजता
अहं अहंकार
सर्ब सर्वस्व
मम ममता, ममत्व




जातिवाचक संज्ञा से
मनुष्य मनुष्यता
बच्चा बचपन
दानव दानवता
लड़का लड़कपन
बूढा बुढापा
गुरु गुरुत्व
मित्र मैत्री
नर नरत्ता
नारी नारीत्व
बालक बालपन
पशु पशुता
युवक यौवन
चोर चोरी
शिशु शैशव
शत्रु शत्रुता
शिष्य शिष्यत्व
माता मातृत्व
पिता पितृत्व
भ्राता भ्रातृत्व
साधू साधुता
दूत दौत्य
प्रतिनिधि प्रतिनिधित्व
राष्ट्र राष्ट्रीयता
मानव मानवता
पंडित पांडित्य
दास दासत्व
भाई भाईचारा
पुरुष पुरुषत्व
इंसान इंसानियत
वकील वकालत
कृपण कृपणता
बहन बहनापा




क्रिया से
उतरना उतार
पुकारना पुकार
लिखना लिखावट
बनाना बनावट
घबराना घबराहट
चढ़ना चढाई
चलना चलन
बचना बचत
मारना मार
पालना पालन
धोना धुलाई
सजना सजावट
बिकना बिक्री
जपना जाप
जमना जमाव
रोना रुलाई
जगना जागरण
चीखना चीख
पढ़ना पढाई
बचाना बचाव
सजाना सजावट
बहना बहाव
उड़ना उड़ान
मिलना मिलान, मिलावट
चुनना चुनाव
काटना कटाई
समझना समझ
पिटना पिटाई
घूमना घुमाव
पूजना पूजन
कमाना कमाई
बनना बनावट
छटपटाना छटपटाहट




अव्यय से
समीप सामीप्य
धिक् धिक्कार
निकट निकटता
दूर दूरी
मना मनाही
वाहवाह वाहवाही




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