Category: Kriya

Kriya aur Kriya ke Bhed in Hindi Vyakaran

Apurn Kriya in Hindi Grammar (अपूर्ण क्रिया)

अपूर्ण क्रिया (Apurn Kriya)

जिस क्रिया से इच्छित अर्थ नहीं निकलता, उसे अपूर्ण क्रिया कहते हैं। इसके दो भेद हैं- (1) अपूर्ण अकर्मक क्रिया तथा (2) अपूर्ण सकर्मक क्रिया ।




(a) अपूर्ण अकर्मक क्रियाRead More

Vidhi Kriya in Hindi Grammar (विधि क्रिया)

Dvikarmak Kriya in Hindi Grammar (द्विकर्मक क्रिया)

द्विकर्मक क्रिया (Dvikarmak Kriya)

कभी-कभी किसी क्रिया के दो कर्म (कारक) रहते हैं । ऐसी क्रिया को द्विकर्मक क्रिया कहते हैं । जैसे-तुमने राम को कलम दी । इस वाक्य में राम और कलम दोनों कर्म (कारक) हैं ।… Read More

Sajatiya Kriya in Hindi Grammar (सजातीय क्रिया)

सजातीय क्रिया (Sajatiya Kriya)-

कुछ अकर्मक और सकर्मक क्रियाओं के साथ उनके धातु की बनी हुई भाववाचक संज्ञा के प्रयोग को सजातीय क्रिया कहते हैं । जैसे-अच्छा खेल खेल रहे हो । वह मन से पढ़ाई पढ़ता है । वह … Read More

Purvkalik Kriya in Hindi Grammar (पूर्वकालिक क्रिया)

पूर्वकालिक क्रिया (Purvkalik Kriya)-

जब कर्ता एक क्रिया को समाप्त करके तत्काल किसी दूसरी क्रिया को आरंभ करता है, तब पहली क्रिया को पूर्वकालिक क्रिया कहते हैं ।




जैसे- वह गाकर सो गया।
मैं खाकर … Read More