सहायक क्रिया (Sahayak Kriya)

मुख्य क्रिया की सहायता करनेवाली क्रिया को सहायक क्रिया कहते हैं ।
जैसे- उसने बाघ को मार डाला ।




सहायक क्रिया मुख्य क्रियां के अर्थ को स्पष्ट और पूरा करने में सहायक होती है । कभी एक और कभी एक से अधिक क्रियाएँ सहायक बनकर आती हैं । इनमें हेर-फेर से क्रिया का काल परिवर्तित हो जाता है ।
जैसे- वह आता है ।
तुम गये थे ।
तुम सोये हुए थे ।
हम देख रहे थे ।
इनमे आना, जाना, सोना, और देखना मुख्य क्रिया हैं क्योंकि इन वाक्यों में क्रियाओं के अर्थ प्रधान हैं ।
शेष क्रिया में- है, थे, हुए थे, रहे थे– सहायक हैं। ये मुख्य क्रिया के अर्थ को स्पष्ट और पूरा करती हैं ।

क्रिया एवं क्रिया के भेद (Kriya in Hindi Grammar, Kriya ke bhed in Hindi Grammar)

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