सजातीय क्रिया (Sajatiya Kriya)-

कुछ अकर्मक और सकर्मक क्रियाओं के साथ उनके धातु की बनी हुई भाववाचक संज्ञा के प्रयोग को सजातीय क्रिया कहते हैं । जैसे-अच्छा खेल खेल रहे हो । वह मन से पढ़ाई पढ़ता है । वह अच्छी लिखाई लिख रहा है ।




क्रिया एवं क्रिया के भेद (Kriya in Hindi Grammar, Kriya ke bhed in Hindi Grammar)

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