Drishtant Alankar in Hindi Grammar | दृष्टांत अलंकार

Drishtant Alankar (दृष्टांत अलंकार)

इस अलंकार में उपमेय तथा उपमान, दोनों वाक्यों में उपमान, उपमेय तथा साधारण धर्म का बिम्ब-प्रतिबिम्ब-भाव झलकता है । । उदाहरण-

‘निरखि रूप नंदलाल को, दूगनि रुचै नहिं आन ।
तजि पियूष कोऊ करत, कटु औषधि … Read More

Prativastupma Alankar in Hindi Grammar | प्रतिवस्तूपमा अलंकार

Prativastupma Alankar (प्रतिवस्तूपमा अलंकार)

इस अलंकार में अन्तर्निहित समानता वाले दो वाक्यों में एक सामान्य धर्म का अलग शब्दों में कथन किया जाता है । इसे इस प्रकार भी कहा जा सकता है कि प्रतिवस्तूपमा में एक ही साधारण धर्म … Read More

Upmeyopma Alankar in Hindi Grammar | उपमेयोपमा अलंकार

Upmeyopma Alankar (उपमेयोपमा अलंकार)

उपमेयोपमा में उपमेय और उपमान की एक-दूसरे से उपमा दी जाती है। जैसे- मुख-सा चन्द्र और चन्द्र-सा मुख है।’ इस वाक्य में मुख और चन्द्र परस्पर एक-दूसरे के उपमेय तथा उपमान हैं । उदाहरण-

  1. तौ मुख
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Atishyokti Alankar in Hindi Grammar | अतिशयोक्ति अलंकार

Atishyokti Alankar (अतिशयोक्ति अलंकार)

अतिशयोक्ति का शाब्दिक अर्थ है अतिशय + उत्ति अर्थात् बढ़ा-चढ़ाकर किया गया कथन । उपमेय को छिपाकर उपमान के साथ उसकी आभन्नता (या समरूपता) की प्रतीति कराना ही अतिशयोक्ति अलकार है । इसमें उपमेय का नामोल्लेख … Read More

Utpreksha Alankar in Hindi Grammar | उत्प्रेक्षा अलंकार

Utpreksha Alankar (उत्प्रेक्षा अलंकार)

जहाँ प्रस्तुत में अप्रस्तुत की सम्भावना होती है, वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है । उपमा अलंकार की तरह उत्प्रेक्षा अलंकार में भी कहीं वाचक शब्द रहता है और कहीं नहीं भी रहता है । इसके वाचक … Read More