Bahuvrihi Samas Definition & Example (बहुव्रीहि समास)

बहुव्रीहि समास- (Bahuvrihi Samas) – जिस समास में कोई भी पद प्रधान नहीं होता, अपितु बाहर से ही आकर कोई शब्द प्रधान हो जाता है, बहुव्रीहि समास कहलाता है । जैसे-




पंकज, लंबोदर, दशांनन, इत्यादि … Read More

Dvigu Samas Definition & Example (द्विगु समास)

द्विगु समास- (Dvigu Samas) : संख्यावाचक विशेषण के साथ




किसी शब्द का समास हो, तो उसे द्विगु समास कहते हैं, अर्थात् जिसका पहला पद संख्यावाचक हो, वह द्विगु समास होता है। जैसे-

पंचपात्र-पाँच पात्र,
त्रिभुवन-तीन … Read More

Karmadharay Samas Definition & Example (कर्मधारय समास)

Karmadharay Samas (कर्मधारय समास) – वह समास, जिसमें विशेषण तथा विशेष्य अथवा उपमान (जिससे उपमा दी जाए)




तथा उपमेय का मेल हो और विग्रह करने पर दोनों खण्डों में एक ही कर्ताकारक की प्रथमा विभक्ति … Read More

Tatpurush Samas Definition & Example (तत्पुरुष समास)

तत्पुरुष समास- (Tatpurush Samas) : जिस समास में अंतिम पद की प्रधानता रहती है, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं । इस समास के पहचानने का तरीका यह है कि दोनों पदों के बीच में कारक की विभक्ति लुप्त रहती है … Read More

Avyayi Bhav Samas (अव्ययीभाव समस)

अत्ययीभाव समास- (Avyayi Bhav Samas) – जिस समास का




पहला पद अव्यय हो और जिससे बना समस्त पद क्रियाविशेषण की तरह प्रयुक्त हो, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं। जैसे-

प्रतिदिन,
यथाशक्ति,
प्रतिमास,… Read More