Yamak Alankar in Hindi Grammar | यमक अलंकार

यमक अलंकार (Yamak Alankar)

सार्थक परन्तु भिन्न अर्थ का बोध करानेवाले शब्द की क्रमश: आवृत्ति को यमक कहते हैं । यमक शब्द का अर्थ है दो । अत: इस अलंकार में एक ही शब्द का कम-से-कम दो बार प्रयोग आवश्यक … Read More

Anupras Alankar in Hindi Grammar | अनुप्रास अलंकार

अनुप्रास अलंकार (Anupras Alankar)

वर्णों की आवृत्ति को अनुप्रास कहते हैं। आवृत्ति का अर्थ है, दुहराना। इस अलंकार में किसी वर्ण या व्यंजन की एक बार या अनेक वणों या व्यंजनों की अनेक धार आवृत्ति होती है ।

उदाहरण -वर्ण … Read More

Sandhi Viched (संधि विच्छेद) Hindi Vyakaran

Sandhi Viched (संधि विच्छेद)

अंकित = अम् + कित
अनौचित्य = अन + औचित्य
आच्छादन = अ + छादन
अथोंपाजन = अर्थ + उपाज
अजंत = अच् + अंत
अन्यन्य = अन्य + अन्य
आकृष्ट = आकृष् + त्
अन्तःपुर … Read More

Savar Sandhi (स्वर संधि) Hindi Vayakaran

1. Savar Sandhi (स्वर संधि):

दो स्वरों के आपस में मिलने से जो विकार या परिवर्तन होता है, उसे स्वर संधि कहते हैं ।
जैसे-देव + इंद्र = देवेंद्र ।




इसमें दो स्वर ‘अ’ और … Read More

Visarg Sandhi (विसर्ग संधि) Hindi Grammar

Visarg Sandhi (विसर्ग संधि):

(3) विसर्ग संधि – विसर्ग के बाद स्वर या व्यंजन वर्ण के आने पर विसर्ग में जो विकार उत्पन्न होता है, उसे विसर्ग संधि कहते हैं।
जैसे-तप: + वन = तपोवन,
नि: + अंतर = निरंतर … Read More