Kriya Visheshan | क्रियाविशेषण Kriya Visheshan ke Bhed

Kriya Visheshan (क्रियाविशेषण) :

जिस शब्द से क्रिया की विशेषता का ज्ञान होता है, उसे क्रियाविशेषण कहते हैं।




जैसे-यहाँ, वहाँ, अब, तक, जल्दी, अभी, धीरे, बहुत, इत्यादि ।
क्रियाविशेषणों का वर्गीकरण तीन आधारों पर किया … Read More

Samas Vigraha – Dvitiya Tatpurush – (द्वितीया तत्पुरुष – समास विग्रह)

द्वितीया तत्पुरुष:

पद विग्रह
अग्निभक्षी अग्नि को भक्षण करनेवाला
कष्टसहिष्णु कष्ट को सह लेने वाला
कठफोड़वा काठ को फोड़ने वाला
कठखोदवा काठ को खोदने वाला
कुम्भकार कुम्भ को बनाने वाला
गगनचुम्बी गगन को चूमने वाला
गिरहकट गिरह को काटने वाला
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Samas Vigraha – Avyayi Bhav (अव्ययीभाव समास विग्रह)

अव्ययी भाव:

पद विग्रह
अनुकूल कुल के अनुसार (मन के मुताबिक)
अनुरूप रूप के समान
अभ्यागत अभि आगत
आकंठ आा कठ (वर्कठ तक)
आजन्म आ जन्म (जन्म से लेकर)
आजीवन आ जीवन (जीवन भर)
आमरण आ मरण (मरणापर्यंत)
आसमुद्र
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Vachya Aur Vachya ke Bhed Hindi Grammar – वाच्य एवं वाच्य के भेद

वाच्य (Vachya) :

वाच्य क्रिया का वह रूप है, जिससे यह ज्ञात होता है कि वाक्य में कर्ता प्रधान है या कर्म अथवा भाव।
क्रिया के लिंग एवं वचन उसी के अनुरूप होते हैं।




खंड
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Apurn Kriya in Hindi Grammar (अपूर्ण क्रिया)

अपूर्ण क्रिया (Apurn Kriya)

जिस क्रिया से इच्छित अर्थ नहीं निकलता, उसे अपूर्ण क्रिया कहते हैं। इसके दो भेद हैं- (1) अपूर्ण अकर्मक क्रिया तथा (2) अपूर्ण सकर्मक क्रिया ।




(a) अपूर्ण अकर्मक क्रियाRead More